कोरोना वायरस क्या है ?



विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, नोवल कोरोना वायरस का एक वायरस का परिवार है, जो सामान्य सर्दी से लेकर गंभीर बीमारियों जैसे कि मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (एमईआरएस) और गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (एसएआरएस) का कारण है।

इसकी उत्पत्ति कहाँ और कैसे हुई?

इसकी उत्पत्ति दक्षिण चीन में वुहानके सीफूड होलसेल मार्केट से मानी जाती है।

और एक अनुमान के अनुसार इसका संक्रमण चमगादड़ से हुआ है।

नोवल कोरोना वायरस सबसे पहले जानवर से इंसानों में फैला था। माना जा रहा है कि इसका संक्रमण साउथ चाइना सीफूड होलसेल मार्केट में एक साँप से इंसान में हुआ था।


इसका संक्रमण कैसे होता है?

यह वायरस खांसने और छींकने और हाथों को मिलाने से बूंदों फैलता है।

यह कैसे काम करता है?

१।वायरस नाक और मुंह के माध्यम से प्रवेश करता है ।

२। इसके बाद यह श्वसन प्रणाली में मेजबान कोशिका ( Host Cell) तक पहुंचता है।

३।इसके बाद मेजबान कोशिका कोरोनावायरस के पास मौजूद अन्य कोशिकाओं को फोड़ देता है और संक्रमित कर देता है।


यह वायरस क्या कर सकता है?

इस वायरस के अधिकांश पीड़ित निमोनिया और फेफड़ों में सूजन सहित जटिलताओं से मर जाते हैं। वायरस श्वसन प्रणाली में सूजन का कारण बनता है, जो फेफड़ों को रक्तप्रवाह में ऑक्सीजन पारित करने के लिए कठिन बना सकता है- जिसस अंगों की विफलता तथा मृत्यू हो सकती है। गंभीर निमोनिया लोगों को उनके फेफड़ों में जमने वाले द्रव के लिए मार सकता है।

इसके क्या लक्षण हैं?

१। बहती नाक

२। कफ

३।गले में खराश

४।बुखार (उच्च तापमान)



इससे कैसे बचें?

इसका अभी तक कोई इलाज नहीं है । इसलिए सावधानी ही एकमात्र उपाय है।

१। किसी के छींखते या खांसते समय स्वयं को वहां से दूर कर लें। यदि ऐसा संभव नहीं तो कम से कम अपने मुंह और नाक को किसी कपड़े से ढक लें ताकि उसके छीटें आप तक ना पहुँचे ।

२।अपनी आंखों और मुंह में हाथ ना डालें या छुएं।

३।खाना खाने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी प्रकार धोएँ।

४।इस जानकारी को अपने मित्रों रिश्तेदारों तथा पड़ोसियों तक फैलाएं।

इस वायरस से ग्रस्त होने का संशय होने पर क्या करें?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ' कोरोना वायरस ' पर कहा है , " देश में एनआईवी पुणे के बाद 4 अन्य स्थानों पर वायरस के परीक्षण के लिए लैब बनाई गई हैं . . . कुछ दिनों में 10 जगहों पर यह सुविधा होगी । " उन्होंने कहा , " इसके साथ ही एक हेल्पलाइन नंबर ( + 91 ) 11 - 23978046 ) बनाया गया है जिसे संचार के माध्यमों के ज़रिए लोगों तक पहुंचा रहे हैं । "







यह कितने देशों में संक्रमित हो चुका है?